अपने जन्मदिन पर मोहित ने कैसे बचाई ली दो जिंदगीया।

सिवान।अरविंद पाठक। मेरा नाम मोहित कश्यप है। युवा हु। खुदगर्ज हु। लेकिन मेरे सीने में भी एक ऐसा दिल है जो दूसरे के लिये धड़कता है लेकिन प्यार मोहब्बत इश्कबाज़ी के लिए नही बल्कि किसी दूसरे की जान बचाने के लिए। जी हा, ये सच है और 100 प्रतिशत सच है। युवा मोहित ने एक बेहतरीन इंसान होने की पहचान समाज को दी है। उसने अपने खून से दो जिंदगियां बचाकर अपने जन्मदिन पर उपहार लिया नही बल्कि उपहार देने का अद्भत मिशाल पेश किया है। मोहित की इक्षा थी कि जन्मदिन पर वह रक्तदान करे। उसने कितनी सारी जिंदगिया बचाने वाले सिवान ब्लड डोनर क्लब तक अपनी बात पहुचाई। इस बीच ब्लड डोनर क्लब को लक्ष्मी नर्सिंग होम में एक महिला के सीरियस होने की जानकारी मिली जो बच्चे को जन्म देने वाली थी। खून की कमी से डॉक्टर आपरेशन नही कर रहे थे। ब्लड डोनर क्लब के सदस्यों ने मोहित से उस महिला के लिए रक्तदान की बात कही। मोहित ने देर नही करते हुए तुरंत रक्तदान किया और कुछ घण्टे बाद सूचना मिली कि जिस महिला के लिए मोहित ने रक्तदान किया उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। ये सूचना मिलते ही मोहित ओर ब्लड डोनर क्लब के सदस्य खुशी से झूम उठे। महिला और उसका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है।युवा मोहित ने जन्मदिन पर अपने  रक्त से दो इंसानी जिंदगियो को जिस तरह बचाया है उसकी जितनी भी प्रशंशा की जाए कम है। जिसने भी मोहित के इस पुनीत कार्य को सुना वो बधाई और शुभकामना दिए बिना नही रह सका। सिवान में मोहित जैसे युवाओ को सिवान ब्लड डोनर क्लब जैसे संस्था का साथ यू ही मिलता रहा तो वो दिन दूर नही जब सिवान में किसी की जान कम से कम रक्त की कमी से नही जाएगी। बिहार न्यूज लाइव मोहित के उज्जवल ओर सुखमय भविष्य की कामना करता है।

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