शिक्षा के साथ संस्कार देना ही डी ए वी पब्लिक स्कूल का मूल मंत्र – डा0 प्रसाद

सीवान । शिक्षा के साथ संस्कार देना ही डी ए वी पब्लिक स्कूल का मूल मंत्र है | ए वी यानि दयानंद एंग्लो-वैदिक नाम से ही यह स्वतः ही स्पष्ट हो जाता है कि यह संस्था हमारे वैदिक परम्पराओं के साथ आधुनिकता के संतुलन के साथ ही अपने उद्देश्यों के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उपरोक्त बातें पटना से आये हुए डी ए वी पब्लिक स्कूल्स के क्षेत्रीय अधिकारी सह प्रख्यात शिक्षाविद डा० यू एस प्रसाद ने गुरुवार को अपने एक दिवसीय सीवान दौरे के क्रम में कंधवारा स्थित स्कूल के प्रांगण में बीते 14 सितंबर से आयोजित हो रहे हिंदी पखवारा समारोह को संबोधित करते हुए कहा। डॉ० प्रसाद ने स्कूल के बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि आज के इस प्रतियोगात्मक युग मे बेहतर होना ही काफी नहीं है, बल्कि सबसे बेहतर होने की सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। सीवान के डी ए वी शताब्दी पब्लिक स्कूल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार का सबसे पहला डी ए वी होने का गौरव प्राप्त यह स्कूल निरंतर नई ऊंचाइयों के कीर्तिमान स्थापित करेगा ऐसी मेरी शुभकामना है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे डी ए वी शताब्दी पब्लिक स्कूल, सीवान के प्राचार्य वी आनंद कुमार ने अपने क्षेत्रीय अधिकारी का स्वागत करते हुए उनके कुशल नेतृत्व में स्कूल को ऊंचाईयों के शीर्ष पर ले जाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि हम अपने क्षेत्रीय अधिकारी डॉ०यू एस प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन में स्कूल के चहुंमुखी विकास के प्रति कृतसंकल्पित हैं। इस अवसर पर स्कूल के छात्र शिवम मिश्रा ने रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं के प्रमुख अंशों का बेहतरीन तरीके से पाठ किया। जबकि छात्रा अनामिका की हिंदी भाषण की प्रस्तुति की सबों ने मुक्त कंठ से सराहना की। संचालन कर रही छात्रा जूही की काव्य पाठ भी शानदार रही। समारोह में डी ए वी महराजगंज एवम छपरा के प्राचार्य भी शिरकत कर रहे थे। जबकि आयोजन को सफल बनाने में वरीय शिक्षक ए के झा, जे एल सिंह, ए के दुबे, एस के सिन्हा, हरिशंकर श्रीवास्तव, मुरारी पाठक, अवधेश कुमार, रणधीर सिंह, राजीव मिश्रा, अंजू मिश्रा,कुलवंती कुमारी, जैन पांडेय एवं राकेश चौधरी विशेष सक्रिय रहे।

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